Wednesday, May 25, 2022

(केंचुआ खाद) Vermi compost क्या है ? वर्मी कम्पोस्ट कैसे बनाएं ? इसके लाभ – 2020 – [ हिन्दी ]

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Vermi compost

केंचुआ खाद (Vermi compost) एक प्रकार का जैविक खाद है जिसमे कि सामान्यतः नत्रजन, फास्फोरस,और पोटाश पाया जाता है । इसके अतिरिक्त इसमें लाभदायक जीवाणु, हार्मोन,और एंजाइम भी पाए जाते है । इस जैविक खाद को केंचुआ कि मदद से बनाया जाता है | केंचुआ को किसानों का मित्र भी कहा जाता है | इस खाद मे किसी भी तरह की बदबू नहीं होती है और इससे मक्खी और मच्छर नहीं बढ़ते है तथा यह हमारी  वातावरण को भी किसी भी तरह से प्रदूषित नहीं करती है | इसके प्रयोग से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है । और जल वाष्पन और मृदा अपरदान कम होता है ।


केंचुआ खाद क्या है ? [ What is Vermi compost ? ]

बेकार कार्बनिक पदार्थों जैसे – पुआल,भूसा,सुखी घास,जलकुंभी,सब्जियों के छिल्के,पशुओं के मल मूत्र आदि से केचुओ की सहायता से बनाए गए खाद की वर्मी कम्पोस्ट कहा जाता है । इसमें सामान्यतः नत्रजन, फास्फोरस,और पोटाश पाया जाता है ।  इसमें लगभग 1.2 से 2 प्रतिशत नत्रजन,0.8 से 3.5  प्रतिशत फास्फोरस,और 0.8 से 1 प्रतिशत पोटाश पाया जाता है । इसके अतिरिक्त इसमें लाभदायक जीवाणु, हार्मोन,और एंजाइम भी पाए जाते है । इसके प्रयोग से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है । और जल वाष्पन और मृदा अपरदान कम होता है ।


वर्मी कम्पोस्ट
वर्मी कम्पोस्ट

वर्मी कम्पोस्ट से लाभ [ Benefit from vermi compost ]

  • वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने से भूमि, पर्यावरण एवं अधिक उत्पादन की दृष्टि से लाभदायी है।
  • इसके उपयोग से मिट्टी में लाभदायक सूक्ष्म जीवों की संख्या मे बढ़ोतरी होती है |
  • वर्मी कम्पोस्ट से पोषक तत्व हमारी पौधों को आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
  • इसकी मदद से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता तथा स्वाद मे बढ़ोतरी होती है |
  • वर्मी कम्पोस्ट हमारी भूमि की उपयुक्त तापक्रम बनाये रखने में सहायक होता है |
  • इसके उपयोग से मिट्टी के जीवांश में वृद्धि होती है |
  • वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने से वायु संचार तथा जल धारण क्षमता बढ़ जाती है |

ये भी पढे :-


वर्मी कंपोस्ट कैसे बनाएं [ How to make vermicompost ]

#स्टेप 1


वर्मी कम्पोस्ट (Vermi compost) बनाने के लिए सबसे पहले आपको स्थान का चुनाव करना होता है | जहा पर की आप वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य शुरू कर सके | आप स्थान का चुनाव करते समय इन बातों को ध्यान मे रखे |

  • वर्मी कम्पोस्ट (Vermi compost) बनाने के लिए छायादार तथा नम वातावरण की आवश्यकता होती है |
  • घने छायादार पेड़ के नीचे या हवादार फूस के छप्पर के नीचे जहा पर की उचित जल निकास तथा पानी के स्त्रोत उपस्थित हो उसी जगह का चुनाव करना चाहिए | जिससे की आपको आगे चल के कोई परेशानी न हो |

#स्टेप 2


  • अगर आप वर्मी कम्पोस्ट घने छायादार पेड़ के नीचे कर रहे है तब इस स्थिति मे आप या तो पेङ के नीचे बेड बनाकर या तो फिर आप पेङ के चारों तरफ वर्मी कम्पोस्ट का कार्य कर सकते है |
  • अगर आप बिना बेड के पेड़ के नीचे वर्मी कम्पोस्ट बनाते है तब इस स्थिति मे आप पेङ के नीचे पेड़ के चारों ओर गोबर गोलाई में डालकर उसपर केंचुआ गोबर के हिसाब से डालकर उसके ऊपर जूट के बोरे से ढक दे | गोबर मे नमी बरकरार रखने के लिए आप समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार उसमे पानी के छीरकाव करते रहना चाहिए | केंचुआ डाले गए गोबर को खाते हुए नीचे की ओर बढ़ते है और हमारा ऊपर की ओर कम्पोस्ट तैयार होते जाता है | कम्पोस्ट तैयार होने के बाद आप इसका प्रयोग अपने खेतों मे जैविक खाद के रूप मे कर सकते है |
केंचुआ खाद
केंचुआ खाद
  • अगर आप पेड़ के नीचे बेड बनाकर वर्मी कम्पोस्ट बनाते है तब इस स्थिति मे आपको सबसे पहले जमीन को समतल कर लेना है और उसके बाद आपके आवश्यकता के अनुसार बेड की लंबाई और चौराई रखना है जितना आप लंबाई और चौराई रखना चाहते है उसके अनुसार आप जमीन पर प्लास्टिक को बिछाकर उसके ऊपर से आप गोबर डालकर उसे मेङ का आकार का बना ले और उसके बाद उसपर गोबर के हिसाब से गोबर के ऊपर मे केंचुआ को डाल दे | केंचुआ डालने के बाद आप उसपर से पुआल,भूसा,सुखी घास,खरपतवार के अवशेष आदि से उसे पूरी तरह से धक दे | जिससे की सूर्य की प्रकाश सीधे आपके बेड पर न पड़े | गोबर मे नमी बरकरार रखने के लिए आप समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार उसमे पानी के छीरकाव करते रहना चाहिए | केंचुआ डाले गए गोबर को खाते हुए नीचे की ओर बढ़ते है और हमारा ऊपर की ओर कम्पोस्ट तैयार होते जाता है | कम्पोस्ट तैयार होने के बाद आप इसका प्रयोग अपने खेतों मे जैविक खाद के रूप मे कर सकते है |

#स्टेप 3 


  • स्थान का चुनाव करने के बाद आप वहा पर वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए बेड को तैयार कर ले |

#स्टेप 4 


  • बेड तैयार हो जाने के बाद आप उसपर गोबर डालकर मेङ के आकार के रूप मे कर ले |

#स्टेप 5


  • उसके बाद आप गोबर के ऊपर केंचुआ डाल दे |p

#स्टेप 6 


  • केंचुआ डालने के बाद आप बेड को पूरी तरह से पुआल,भूसा,सुखी घास,खरपतवार के अवशेष आदि से उसे पूरी तरह से धक दे | जिससे की सूर्य की प्रकाश सीधे आपके बेड पर न पड़े | गोबर मे नमी बरकरार रखने के लिए आप समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार उसमे पानी के छीरकाव करते रहना चाहिए | केंचुआ डाले गए गोबर को खाते हुए नीचे की ओर बढ़ते है और हमारा ऊपर की ओर कम्पोस्ट तैयार होते जाता है | कम्पोस्ट तैयार होने के बाद आप इसका प्रयोग अपने खेतों मे जैविक खाद के रूप मे कर सकते है |

https://agriculturejob.in/organic-farming/

 


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